Muhammad Shammi Story

Muhammad Shammi  Story 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा के इस शांत गांव में कच्ची मिट्टी की पिचों पर टेनिस बॉल से खेलते हुए बड़े हुए मोहम्मद शमी का नाम इन दिनों क्रिकेट की दुनिया में छाया हुआ है। वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफ़ाइनल में शमी ने सात विकेट लिए। ये विश्व कप में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।




कुछ लोग इसे चमत्कार या किस्मत कह सकते हैं, लेकिन जो श्रमिकों जानते हैं उन्हें पता है कि ये एक लंबी मेहनत का नतीजा है।

निजी जिंदगी में कई उतार चढ़ावों से गुजरे शमी वर्ल्ड कप के शुरुआती चार मैचों में बेंच पर बैठे रहे थे, लेकिन जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने साबित कर दिया कि वो क्या कर सकते हैं?



सहसपुर अलीनगर गांव में क्रिकेट को लाने का श्रेय शमी के पिता तोसिफ अहमद को जाता है। जब से।रेडियो पे कमेन्ट्री शुरू हुई तब से यहाँ पे क्रिकेट।


कुछ न्यूज चैनल वालों ने पूछा  आपको कैसे शौक  था क्रिकेट का ।। 

क्रिकेट– क्रिकेट का कमेन्ट्री सुनने से ही शौक हुआ था। हमें। तभी दिलचस्पी हमारी बड़ी थी और तभी तो उसी भाई ने कहा ना यार चलो खाली भी तो बैठे ही है। क्रिकेट ही खेलते हैं तो क्रिकेट का सामान मांगा लिया, अगले दिन से क्रिकेट शुरू कर दिया। ऐसे मान लो आप तो सी भाई ने यहाँ पे शुरुआत की थी।



क्रिकेटर बनने की कोशिश बड़े भाई खुद ही किए।


अर्जी ऑलराउंडर क्रिकेट थे, बहुत फास्ट बॉलर थे वो भी शमी के बड़े भाई। हँसी भी इस इलाके में बतौर क्रिकेटर्स जाने जाते हैं और अपने भाई की कामयाबी में उनकी भी अहम भूमिका रही है।


हसीब जो शमी के बड़े भाई है और अगर आप सहसपुर अलीनगर में लोगों से बात करेंगे तो बहुत से लोग ये कहते है की हँसी भी बहुत एक अच्छे क्रिकेटर थे। साथ में खेलते थे। हाँ साथ खेलते थे दोनों भाई, ये स्टार्टिंग ही दोनों ने साथ नहीं छोड़ गया क्रिकेट।

उनका कहना है की।।

मैं ऐसा था ना बाहर जाना था मेरा बाहर जाना निकलना नहीं हुआ शमी का बस फिर ये सोचो कि शमी को निकालें तो शमी गेम  का सारा। फोकस हो गया और सही जगह। हुआ हासिब जीस तरीके से मोहम्मद शमी खेल रहे है अभी क्या कभी सोचा था कि इट्स फॉर्म में शमी कभी आयेंगे? अच्छे गेंदबाज हैं, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन जो अभी उनका गेम है दुनिया का कोई बल्लेबाज सामने नहीं टिक पा रहा।

ये उसकी मेहनत का नतीजा है और सब लोगो की दुआ होगा। पूरा देश उसके लिए दुआ करता तो ये उम्मीद तो हर वक्त रहती है की हाँ हमारे बॉलर अच्छे विकेट निकाले हैं, ज्यादा से ज्यादा विकेट निकाले और पांच विकेट चल रहे थे जैसे पहले मैच में पांच विकेट लिए, वर्ल्ड कप में, दूसरे में चार लिए। फिर पांच लिए तो मेरे को अपना मन में सोचते मान लो। मैंने कहा नहीं की तो मन में सोचते हैं कि छे सात विकेट मिलेंगे, उसी दिन तब मज़ा आएगा। वो लल्ला ने सुन ली।


उनके भाई से पूछा गया कि जब शमी की मम्मी से बात होती है तो क्या बात करते हैं?



बस कोई हसना बोलना हम इसे वैसे ज्यादा वो नहीं कर रहे हैं, हम नहीं करती ज्यादा आजमी को जानकारी है नहीं क्रिकेट की भाई वैसे ही तो कोई सवाल अब भी करेंगे, नहीं तो कभी वो कर भी देता है। मजाक में तो वो सीधे चुप हो जाती है। बोले भाई मुझे पता ही नहीं इस मामले में क्या होता है ये पता है की क्रिकेट टीम में कहते हैं

 विराट कोहली ने बहुत समर्थन किया है। मोहम्मद शमी का ऐसा लोग कहते हैं जो क्रिकेट को करीब से देखते हैं,  विराट और शमी ज्यादातर मतलब वो हँसी मजाक करते रहते है आपस में



मोहम्मद शमी जब यहाँ आते हैं, गांव में उनकी दिनचर्या , क्या करते हैं, प्रैक्टिस कहाँ करते हैं, कैसे करते?




प्रैक्टिस वो नॉर्मल दोनों उनका टाइम टेबल है।  2:00 बजे के बाद किसी से नहीं मिलते । आपको 10:00 बजे तक प्रैक्टिस करते रहते हैं, प्रैक्टिस मे वो ज्यादातर, कैच की प्रैक्टिस , बैटिंग की बॉलिंग की, उसके बाद जिम करेंगे। 10:00 बजे फ्री होते हैं रात को डेली जब हम सोशल मीडिया पर देखते हैं पढ़ते हैं। बहुत से लोग ये लिखते हैं शमी ने जिंदगी की बहुत मुश्किलों के खिलाफ़ जो है।  लड़ता रह जज्बा उसने हमेशा अपने खेल से जवाब दिया, अपने श्रमिकों को भी बहुत ज्यादा बोलते नहीं सुना होगा।  कोई बयान नहीं देते, कुछ कहते नहीं है, पब्लिक्ली दिखते ही नहीं है तो ये जो उनके अंदर है कि मैं अपने खेल से जवाब दूंगा। 

ये पर्सनैलिटी कैसे आईं उनमें?

 अंदर से स्ट्रांग है पहले से ही वो और ऐसा कुछ नहीं है। कहना कुछ भी कोई संबंध दुनिया है, कुछ भी कह सकती हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। उसने हमेशा अपनी मेहनत की है और अपना ऊपर अल्लाह का भरोसा अल्लाह का भरोसा किया है की कही ना कही मैं मुझे कामयाबी मिलेंगे और मिलती।  वर्ल्ड कप में मोहम्मद शमी का प्रदर्शन किसी सपने जैसा रहा है। एक मैच को छोड़ दें तो बाकी सभी मैचों में जब जब शमी ने बॉल पकड़ी, बल्लेबाज चकरा गए। मुरादाबाद में शमी के कोच रहे बदरुद्दीन मानते हैं कि इस प्रदर्शन के पीछे सिर्फ उनकी मेहनत है।अपनी लाइन पे डाल रहा है ऐसी सीम से डालता है सीम उसकी इतनी जबरदस्त है।

शायद ही किसी बॉलर की वो वर्ड में इस टाइम तो आप सबसे बड़े बड़ा सिंपल सा उसका थ्योरी है की भाई आप ज़्यादा कोशिश नहीं करते हैं। सिर्फ अपनी एक जगह जो उसका आपके पास जो क्वालिटी है उसपे मेनटेन रखता है। उसको एक जगह बॉल डालता रहता है और वहीं पर ही वहीं से अंदर और बाहर स्विंग होता है। बॉल और ज़ाहिर सी बात है आपकी लाइन लाइन तो अगर अच्छी है तो कौन सा भी बैट्समैन हो? आजकल वर्ल्ड क्लास कौनसा बैट्समैन अगर आपका बॉल सीम और सीम हो रहा है,

 स्विंग और सीम होगा तो फिर आपको प्रॉब्लम रहेगा ही रहेगा, लेकिन शुरुआती दिनों में तो मैं नहीं कह सकता कि मैंने सोचा होगा ऐसा क्या वो इतना बड़ा बॉलर बन जायेगा। ऐसा वहाँ तक पहुंचेगा, लेकिन जैसे जैसे वो मेहनत करता था जितनी वो उसने मेहनत की है,  शायद ही किसी ने की होगी।

मोहम्मद शमी ने अपने प्रदर्शन के दम पर इस इलाके की नौजवान पीढ़ी को खासा प्रभावित किया है। तो अब भी तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते।हमारे आइडिया लें। 

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